Shri Guru Ram Rai Udasin Ashram - Delhi

Shri Guru Ram Rai Udasin Ashram - Delhi

गुरु रामराय जी महाराज ने सन 1713 में इसकी स्थापना की थी |

मारी कालजयी भारतीय संस्कृति में आश्रम देवालय मठ जीवन के धारक तत्व तथा श्रेयस प्रेयस के परम साधन, धर्म के आश्रय, संरक्षक व संग्राहक रहे हैं, ये धर्म की संजीवनी सुख, शांति की धारा के अजस्र श्रोत रहे हैं| ऐतिहासिक नगरी दिल्ली के लगभग मध्यभाग में आराम बाग, पंचकुइयां रोड पर स्थित श्री गुरु राम राय उदासीन आश्रम इसी परंपरा की एक प्राचीन महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक कड़ी है | जाती, धर्म देशोद्वारक युगान्तकारी संत श्री गुरु नानक के जेष्ठ पुत्र भगवान आचार्य श्रीचंद्र महाराज ने जिस अनादी अनंत द्वान्दतीत, उर्ध्वारेतस समस्त उच्चस्थ स्थिति के अवबोधक उदासीन सम्प्रदाय को पुनर्जीवित व प्रस्थापित किया था उसके देशव्यापी अखाड़ों मंदिरों आश्रमों में यह “उदासीन आश्रम” अपना अलग ही ऐतिहासिक महत्त्व रखता है |

सिख संप्रदाय के सातवें गुरु श्री गुरु हरराय जी के ज्येष्ठ पुत्र श्री गुरु रामराय जी महाराज ने सन 1713 में इसकी स्थापना की थी | श्री गुरु रामराय जी महाराज के उदात्त, ओजस्वी और लोकोत्तर चरित्रों से इतिहास के पृष्ठ भरे पड़े हैं | उन्होंने सर्व – धर्म – समभाव की भारतीय परंपरा को ध्वस्त करने वाले धर्मान्ध अत्याचारी मुग़ल शासक औरंगजेब से सीधे टक्कर ली थी | प्रसिद्द है की औरंगजेब की चुनौती पर उन्होंने अनेकाकेक चमत्कार दिखाकर उसके गर्व को चूर – चूर कर दिया था | उन्ही चमत्कारों में एक तो प्रत्यक्ष प्रमाण बनकर आज भी इसी आश्रम में विद्दमान है | भाले एक ही आघात से चट्टानों को भेद जिस श्रोत का निर्माण उन्होंने किया था उसका औषधितुल्य जल, आज भी भक्तजनों को स्वास्थ संतोष प्रदान करता है |

अपने आरंभकाल से ही आश्रम अनेकों सिद्ध महात्माओं, विचारकों और विरक्त संतो की साधना स्थली और कर्मभूमि रहा है और न जाने कितने दुःख संतप्त दिग्भ्रमित हताश लोगों को यहाँ से सुख शांति की प्रेरणा मिलती रही है |

सिख संप्रदाय के सातवें गुरु श्री गुरु हरराय जी के ज्येष्ठ पुत्र श्री गुरु रामराय जी महाराज ने सन 1713 में इसकी स्थापना की थी |

यह आश्रम करीब 800 गज भूमि पर है | 22 विश्राम कक्ष स्नानघर युक्त हैं | 6 अन्य कक्ष हैं,  एक विशाल सभागार है, जिसमे करीब दो सौ से अधिक व्यक्ति बैठ सकते हैं | लहसुन प्याज रहित शाकाहारी भोजन तथा पवित्र आश्रम का वातावरण जो शक्ति तथा साधना के लिए अत्यंत उपयोगी स्थान है |

समय समय पर समूह के रूप में छात्र छात्राओं तथा शैक्षणिक एवं धार्मिक सामाजिक संगठन भी अपने अओजनो के लिए इस स्थान का उपयोग करते हैं | 100 व्यक्ति के लिए पर्याप्त व्यवस्था है | विजली, पानी तथा यातायात की सुविधा भी उपलब्ध है | यहाँ 1713 में श्री गुरु राम राय  जी महाराज पहाड़ी-प्रदेश से  आये थे और यहाँ रहकर तप-साधना करते रहे | एक समय औरंगजेब के सैनिक घुमते हुए यहाँ आये, अत्यधिक गर्मी हो रही थी वे प्यास से व्याकुल थे | गुरु राम राय से पानी की याचना की | उस समय यहाँ पानी का कोई साधन नहीं था| श्री गुरु राम राय जी महाराज ने अपने भले के एक प्रहार से अमृततुल्य जलधर प्रवाहित कर सैनिको को पानी पिलाया | तब से लेकर आज तक इसी श्रोत का पानी आश्रम में प्रयुक्त होता है | नगर निगम का पानी आश्रम में सर्वथा नहीं | कालान्तर में 1803 में यहाँ शिवालय की स्थापना हुई | तब से रिकार्ड में प्राचीन शिवालय प्राचीन शिवालय एवं चौ (बाड़ी) का उल्लेख रहा है | कालान्तर में भूली भटियारी,लुटिया बाबा(श्री चंद्र मुनि), श्री मुन्नी पहलवान तथा अंध विद्द्यालय में कुओं की स्थापना हुयी | इन ऐतिहासिक पांच कुओं के कारण इस रोड का नाम पञ्च कुइंया रोड रखा गया | आज भी भी यह प्रसिद्द है |पांच में से चार कुओं का अस्तित्व आज भी वैसा ही है |

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Temple History

Location

New Delhi, India 110055

Timings

Panchang (पंचांग)

Delhi, India Thu 22 Jun 2017
Sunrise (सूर्यूदय): 05:24 Sunset (सूर्यास्त): 19:22 Moonrise (चंद्रोदय):28:33+ Moonset (चंद्रअस्त ): 17:25 Tithi (तिथि): Trayodashi upto 15:38 Var (वार): गुरु

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